Saturday, March 26, 2011

शिक्षा संकल्प सभा 2011

नि: शुल्क और अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 को लागू हुए लगभग एक साल होने को जा रहा है चूंकि ये अधिनियम के लागू होने के बाद का पहला साल है इसलिए ये अत्यंत महत्वपूर्ण है इस क़ानून के आने के बाद से 6-14 साल तक के बच्चो की शिक्षा मुफ्त और गुणवत्ता पूरक होगी एसा इस कानून में लिखा गया है ये एक सुखद बात है  बच्चो के इस महत्वपूर्ण अधिकार के प्रभावी अमलीकरण की दिशा में कुछेक राज्यों ने उत्साह दिखाया और कुछेक राज्यों ने उदासीनता.
   
चूंकि ये 6-14 साल तक के बच्चो के लिए बना हुआ कानून है और हमारा काम भी बच्चो के साथ है.  बच्चो के मत और विश्लेषण  इस क़ानून पर आयें  बच्चो को स्कूल में क्या क्या सहूलियत मिली हैं या मिलने वाली है. खास तौर पर लडकियों की संदर्भ में तो जरूर.
इसी लिहाज़ से मध्य प्रदेश में इस अधिनियम को लेकर प्रदेश के विभिन्न अंचलो के बाल संगठनो के प्रतिनिधियों एवं बच्चो की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए उनके अभिव्यक्ति को एक मंच प्रदान करने हेतु बाल पंचायत ,भोपाल द्वारा NIWCYD 'बचपन' के सहयोग से राज्य स्तरीय "शिक्षा संकल्प सभा" का आयोजन किया गया जिसके पहले सत्र के मुख्य सहज कर्ता विनोद रैना थे जो की इस कानून को बनाने वाली समिति के सदस्य हैं से बच्चो ने सवाल जबाव पूछे.

   मंडला के बैगा चक से आये १२ वर्षीय जीतू ने पूछा  की  हमारे स्कूल में जब हम कभी कभी नहीं जा पाते हैं तो मास्साब हमसे दंड के रूप में पैसा मांगते हैं ?

 वहीं  भोपाल की सरस्वती नगर से आये राकेश ने पूछा की .......इस कानून के आने के बाद स्कूल में शोचालय बन जायंगे और बुनियादी सुविधाएँ होंगी पर अभी तक एसा कुछ नहीं हुआ ..

NIWCYD ने  मध्य प्रदेश के तीन जिलो  (भोपाल,जबलपुर,गुना ) के 43 स्कूल में एक सर्वे किया इस सर्वे में चौंका देने वाले आंकड़े आये जैसे 43 स्कूल में से 19 स्कूल ऐसे हैं जिसमे आज भी कानून के मुताबिक शिक्षक और छात्रो के अनुरूप अनुपात नहीं है. और तो और इन 43 स्कूलों  में से किसी भी स्कूल में अभी तक शाला प्रबंधन समिति का गठन ही नहीं हुआ है.साथ ही नि: शुल्क व अनिवार्य शिक्षा अधिनियम के बारे ज्यादातर पालक शिक्षक संघो को पता ही नहीं है ...

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